Thursday, September 29, 2022

पीएफआई हड़ताल : केरल में कई जगहों पर पथराव, हिंसा की घटनाएं

तिरहुत डेस्क (नई दिल्ली)। इस्लामी संगठन ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) द्वारा शुक्रवार को केरल में आहूत दिनभर की हड़ताल के बीच राज्य में कई जगहों पर सार्वजनिक परिवहन की बसों पर पथराव होने, दुकानों, वाहनों को क्षति पहुंचाने और कुछ जगहों पर हिंसा की घटनाओं की सूचना मिली है।

देश में आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करने के आरोप में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) तथा अन्य एजेंसियों द्वारा पीएफआई के कार्यालयों और उसके नेताओं से जुड़े परिसरों पर बृहस्पतिवार को छापे मारे जाने के विरोध में पीएफआई ने आज हड़ताल करने का आह्वान किया था।

हड़ताल समर्थकों ने उन जगहों पर प्रदर्शन मार्च निकाला, वाहनों को रोका और विभिन्न जगहों पर जबरन दुकानों को बंद कराया, जहां संगठन की स्थिति मजबूत है। पुलिसकर्मियों के अलावा कुछ बस और लॉरी चालकों तथा यात्रियों को पथराव और संबंधित घटनाओं में चोटें आई हैं।

केरल उच्च न्यायालय ने पीएफआई की हड़ताल और राज्य में आज हुई हिंसा की घटनाओं पर संज्ञान लिया है। अदालत ने कहा कि हड़ताल पर उसने पहले ही रोक लगा रखी है और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अदालत ने राज्य प्रशासन को उसके हड़ताल पर प्रतिबंध संबंधी आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

कोट्टायम जिले के एराट्टुपेटा शहर में बड़ी संख्या में एकत्रित प्रदर्शनकारियों के वाहनों को रोकने, दुकानों को बंद कराने और निजी वाहनों पर यात्रा करने वाले लोगों को धमकी देने की कोशिश करने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

सूत्रों ने बताया कि एहतियाती कदम के तहत स्थानीय पुलिस थानों में कई पीएफआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने की सूचना है।

शहर एवं उसके आस-पास अधिक से अधिक संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है क्योंकि इलाके में चिंता बनी हुई है। कोल्लम में पल्लिमुक्कु में एक हड़ताल समर्थक ने कथित रूप से पेट्रोलिंग ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मियों को अपनी बाइक से टक्कर मार दी क्योंकि उन्होंने उसे यात्रियों को परेशान करने से रोकने की कोशिश की थी।

कोट्टायम में संक्रांति कवला में एक लॉटरी की दुकान को हड़ताल समर्थकों ने नष्ट कर दिया, जबकि मंगलुरु से जा रहीं कुछ मालवाहक गाड़ियों को रोक दिया गया और कन्नूर में एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की चाबियां छीन ली गईं जिससे क्षेत्र में यातायात बाधित हुआ। स्थानीय मीडिया की खबर के अनुसार, एक वाहन पर पेट्रोल बम फेंका गया, जो कन्नूर के नारायणपारा में अखबार वितरित करने जा रहा था।

तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, कोझिकोड, वायनाड और अलप्पुझा समेत विभिन्न जिलों में केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसों पर पथराव किया गया। कई बसें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। उनके शीशे टूट गए और सीट क्षतिग्रस्त हो गए।

हालांकि परिवहन मंत्री एंटनी राजू ने कहा कि केएसआरटीसी की बसों के खिलाफ व्यापक हमलों के मद्देनजर सेवा नहीं रोकी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी मंशा यात्रियों को अधिक से अधिक सेवा उपलब्ध कराना है जो हड़ताल के कारण यात्रा में परेशानी का सामना कर रहे हैं। पुलिस निश्चित रूप से हिंसा और बर्बादी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।’’

अलप्पुझा में हड़ताल का समर्थन कर रहे लोगों के पथराव में केएसआरटीसी की बसें, टैंकर लॉरी और कुछ अन्य वाहनों को नुकसान पहुंचने की खबर है। कोझिकोड और कन्नूर में पीएफआई कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर किए गए पथराव में क्रमश: 15 वर्षीय एक लड़की और एक ऑटो रिक्शा चालक घायल हो गए।

तमिलनाडु में इरोड जा रहे एक लॉरी ड्राइवर के वाहन पर हड़ताल समर्थकों के पथराव करने से उसकी नाक और आंखों में चोटें आई हैं। पथराव से वाहन के शीशे भी टूट गए। ड्राइवर ने कहा, ‘‘उन्होंने लॉरी को नुकसान पहुंचाने की मंशा से हम पर जानबूझकर हमला किया। वाहन को सड़क किनारे खड़ा किया था तभी प्रदर्शनकारियों ने वाहन पर हमला किया। मैं प्राथमिक उपचार के लिए निजी अस्पताल गया और अब मैं विस्तृत जांच के लिए सरकारी अस्पताल जा रहा हूं।’’

हालांकि, केरल पुलिस ने राज्यव्यापी हड़ताल के पीएफआई के आह्वान के बाद राज्य में सुरक्षा बढ़ा दी है और जिला पुलिस प्रमुखों को कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। लेकिन ऐसी शिकायतें हैं कि पुलिस ने कई जगहों पर तत्परता से कार्रवाई नहीं की जब शुक्रवार को हड़ताल समर्थक वाहनों के रोक रहे थे और दुकानों को जबरन बंद कर रहा थे।

सूत्रों ने बताया कि पीएफआई के अधिकतर कार्यकर्ता हिंसा और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। हालांकि अधिकांश हड़ताल समर्थकों को राज्यभर में हिरासत में ले लिया गया है लेकिन फिलहाल इसकी कोई वास्तविक संख्या उपलब्ध नहीं है।

पीएफआई ने बृहस्पतिवार को कहा था कि ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नियंत्रण वाली फासीवादी सरकार द्वारा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विरोधियों को चुप कराने के प्रयासों’ के खिलाफ शुक्रवार को राज्यभर में हड़ताल की जाएगी।

पीएफआई के राज्य महासचिव ए अब्दुल सत्तार ने एक बयान जारी कर बताया था कि हड़ताल सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक होगी।

इससे पहले, पीएफआई के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को उन जगहों पर मार्च निकाला था, जहां छापे मारे गए थे। उन्होंने केंद्र सरकार और उसकी जांच एजेंसियों के खिलाफ नारेबाजी भी की थी। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के इरादे से ऐसे सभी स्थानों पर केंद्रीय बलों को पहले से ही तैनात किया गया था।

एनआईए के नेतृत्व में कई एजेंसियों ने देश में आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने के आरोप में बृहस्पतिवार को 15 राज्यों में 93 स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर पीएफआई के 106 पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया था।

अधिकारियों ने बताया था कि केरल में, जहां पीएफआई के कुछ मजबूत गढ़ हैं, सबसे ज्यादा 22 गिरफ्तारियां की गईं। गिरफ्तार किए गए लोगों में पीएफआई की केरल इकाई के अध्यक्ष सी पी मोहम्मद बशीर, राष्ट्रीय अध्यक्ष ओ एम ए सलाम, राष्ट्रीय सचिव नसरुद्दीन एलमारम, पूर्व अध्यक्ष ई अबूबकर और अन्य शामिल हैं।

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