Monday, April 20, 2026

भाजपा के स्थापना दिवस पर पीएम मोदी बोले, यूसीसी और वन नेशन वन इलेक्शन हमारा अगला मिशन

तिरहुत डेस्क (नई दिल्ली)। भारतीय जनता पार्टी के 47वां स्थापना दिवस समारोह पर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) और वन नेशन वन इलेक्शन पार्टी का अगला मिशन होगा।

पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसा राजनीतिक दल है, जहां हम पार्टी को अपनी मां मानते हैं। इसलिए पार्टी का स्थापना दिवस केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि हम सब कार्यकर्ताओं के लिए एक भावुक अवसर होता है। ये दिन हमें पार्टी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का मौका देता है कि पार्टी ने हमें राष्ट्रसेवा का सौभाग्य दिया। मैं देशभर के भाजपा कार्यकर्ताओं और भाजपा को समर्थन करने वाले देश के सभी नागरिकों को भाजपा स्थापना दिवस की बधाई देता हूं।

पीएम मोदी ने कहा कि इस समय जिन पांच राज्यों में चुनाव है, वहां भी पार्टी में एक नई ऊर्जा देख रहा हूं। कार्यशैली में नयापन देख रहा हूं। ऐसा लग रहा है कि नितिन नवीन ने पार्टी में नवीनता भर दी है। आज भाजपा जिस शिखर पर है, उसकी चमक सबको दिखती है, लेकिन यहां तक पहुंचने में लाखों कार्यकर्ताओं का जो श्रम है, उन्होंने जो तप और त्याग की पराकाष्ठा की है, वह वही जान सकता है जो इस पार्टी के संकल्पों के लिए समर्पित होकर स्वयं इस साधना का हिस्सा रहा है।

उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र की कितनी ही उपलब्धियां भाजपा के नाम पर हैं। देश में लंबे अंतराल के बाद किसी पार्टी को इतना स्पष्ट जनमत मिला है, लेकिन हम इस सफलता की विवेचना करें तो हमें नीयत, नीति, निष्ठा, एक लंबी यात्रा भाली भाति देख सकते हैं। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विशाल और पवित्र वट वृक्ष के नीचे हमें साफ नीयत के साथ सुचिता के साथ राजनीति में कदम रखने की प्रेरणा मिली। फिर शुरुआत के कुछ दशकों में हमने संगठन के लिए नीतियां निर्धारित करने में अपनी ऊर्जा लगाई। फिर उसके बाद जो समय आया जब भाजपा ने पूरी निष्ठा के साथ खुद को एक सशक्त कैडर आधारित पार्टी बनाने में झोंक दी। हमने कार्यकर्ताओं का ऐसा विशाल कैडर खड़ा किया, जिनमें सेवा भावना से काम करने का समर्पण था, जिन्होंने पार्टी के सिद्धांतों को अपने जीवन का आदर्श बनाया और जिन्होंने किसी भी परिस्थिति में अपने मूल्यों से समझौता स्वीकार नहीं किया। सत्ता को प्राथमिकता देने वाली राजनीति का धीरे-धीरे पतन होने लगा और सेवा आधारित राजनीति को धीरे-धीरे लोगों का भारी समर्थन मिलने लगा। आज हमें इस बात का गर्व है कि हमने अपने आचरण से भारत की राजनीति में एक नया सिद्धांत-राष्ट्र प्रथम का सिद्धांत स्थापित किया ।

पीएम मोदी ने राजनीतिक संघर्ष के शुरुआती वर्षों को याद करते हुए कहा कि हम 1984 का वह दौर भूल नहीं सकते जब कांग्रेस ने रिकॉर्ड सीटें जीतीं थीं, लेकिन देश की जनता देख रही थी कि कैसे कांग्रेस सत्ता हासिल करके उसके साथ विश्वासघात कर रही है। ऐसे में देशवासियों का भाजपा पर भरोसा बढ़ता रहा और भाजपा धीरे-धीरे चुनाव जीतने लगी। हमारे आने से देश की राजनीति में दो धाराएं बहुत स्पष्ट हो गईं। एक धारा बनी सत्ता आधारित राजनीति की, तो दूसरी धारा बनी सेवा आधारित राजनीति। सत्ता को प्राथमिकता देने वाली राजनीति का धीरे-धीरे पतन होने लगा और सेवा भाव वाली राजनीति को धीरे-धीरे लोगों का समर्थन मिलने लगा। आज हमें इस बात का गर्व है कि हमने अपने आचरण से भारत की राजनीति में एक नया सिद्धांत स्थापित किया है। राष्ट्र प्रथम का सिद्धांत, राष्ट्रीय एकता, राष्ट्रहित ये हमारी पहचान बन गई है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश जानता है कि हर चुनौती का सामना करने के लिए भाजपा ईमानदारी से कोशिश कर रही है और आगे भी करेगी। पहले भी सकारात्मक नतीजे मिले हैं और आगे भी मिलेंगे। अंग्रेजों के दौर के सैकड़ों काले कानूनों का अंत, लोकतंत्र के लिए नए संसद भवन का निर्माण, सामान्य समाज के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण, कानून बनाकर तीन तलाक पर रोक, सीएए, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, ऐसे कितने ही काम हैं जो भाजपा के ईमानदार प्रयासों का नतीजा हैं। हमारा मिशन अब भी जारी है। यूनिफॉर्म सिविल कोड, वन नेशन वन इलेक्शन, ऐसे सभी विषयों पर आज देश में एक गंभीर चर्चा हो रही है। हमारा लक्ष्य एक विकसित भारत, एक आत्मनिर्भर भारत बनाना है और हम इस लक्ष्य को पाने के लिए बिना किसी स्वार्थ के काम करते रहेंगे। कुछ वर्षों में भाजपा अपने पचास साल पूरे करने जा रही है। यह बहुत बड़ी प्रेरणा है। हमें नए लक्ष्यों पर मंथन भी करना है और बदलती टेक्नोलॉजी के इस दौर में खुद को भी झोंक देना होगा। एक बार फिर मैं अपने करोड़ों कार्यकर्ताओं को भाजपा स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देता हूं।

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