तिरहुत डेस्क (नई दिल्ली)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन सोमवार को सरकार के महत्वाकांक्षी लैपटॉप वितरण कार्यक्रम के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। पहले चरण के तहत, राज्य भर के कॉलेज विद्यार्थियों को 10 लाख लैपटॉप बांटे जाएंगे, जो उच्च शिक्षा में डिजिटल सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
पहले चरण का उद्घाटन समारोह सोमवार को दोपहर 3 बजे चेन्नई ट्रेड सेंटर में होगा। उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
तमिलनाडु सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह पहल डीएमके सरकार का विद्यार्थियों के कल्याण और समावेशी विकास पर व्यापक फोकस का हिस्सा है। सत्ता में आने के बाद से, स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार ने कई शिक्षा-उन्मुख योजनाएं लागू की हैं, जिनमें तमिल पुधलवन योजना, इनोवेटिव विमेन योजना, फर्स्ट-जेनरेशन ग्रेजुएट योजना, पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप कार्यक्रम और सामाजिक न्याय छात्रावास शामिल हैं, जिनका उद्देश्य शिक्षा तक पहुंच बढ़ाना और सामाजिक-आर्थिक बाधाओं को कम करना है।
इन प्रयासों को जारी रखते हुए, मुख्यमंत्री ने कॉलेज के विद्यार्थियों को दो चरणों में 20 लाख लैपटॉप बांटने की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य उन्हें आज की टेक्नोलॉजी-संचालित दुनिया में जरूरी डिजिटल स्किल्स से लैस करना है।
इस योजना के तहत, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों, कला और विज्ञान कॉलेजों, मेडिकल, कृषि और कानून संस्थानों, पॉलिटेक्निक और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप मिलेंगे। पहले चरण में इन संस्थानों के कुल 10 लाख विद्यार्थियों को फायदा होने की उम्मीद है।
सरकार डेल, एसर और एचपी जैसे प्रमुख ग्लोबल ब्रांड के लैपटॉप दे रही है। हर डिवाइस में इंटेल आई3 प्रोसेसर, 8 जीबी रैम, 256 जीबी एसएसडी स्टोरेज, विंडोज 11 होम ऑपरेटिंग सिस्टम, एमएस ऑफिस 365 सॉफ्टवेयर और एक उच्च-गुणवत्ता वाला लैपटॉप बैग है।
अधिकारियों ने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों की डिजिटल क्षमताओं को काफी बढ़ाएगी और उनके रोजगार की संभावनाओं में सुधार करेगी। आधुनिक टेक्नोलॉजी तक पहुंच विद्यार्थियों को सूचना प्रौद्योगिकी, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डेटा एंट्री, डिजिटल मार्केटिंग, ग्राफिक डिजाइन, कोडिंग, वेब डिजाइन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों में अवसर तलाशने में सक्षम बनाएगी।
सरकार ने कहा कि यह योजना घरों की इनकम बढ़ाने, गांवों और शहरों के बीच डिजिटल खाई को कम करने और टेक्नोलॉजी पर आधारित एंटरप्रेन्योरशिप के रास्ते खोलने में मदद करेगी।
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