Tuesday, June 2, 2026

बिहार: सोनपुर मेला में पर्यटकों को भा रहा स्विस कॉटेज, 22 विदेशी पहुंचे

तिरहुत डेस्क (नई दिल्ली)। विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला एक बार फिर देश-विदेश के पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र है। एशिया के सबसे बड़े पशु मेले के रूप में विख्यात इस मेले में आने वाले पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पर्यटन विभाग ने व्यापक इंतजाम किए हैं।

बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा पर्यटक ग्राम का निर्माण कराया गया है, जहां मेले में स्थित लग्जरी मिनी दरबारी और राजवाड़ी टेंट पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। इसमें जापान सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए पर्यटक ठहरकर मेला क्षेत्र का आनंद ले रहे हैं।

विभाग के मुताबिक, अब तक इस स्विस कॉटेज में जापान के 14 और जर्मनी के आठ लोग पहुंचकर मेले का लुत्फ उठा चुके हैं। इसके अलावा, चार देशी पर्यटक भी स्विस कॉटेज पहुंचे हैं।

पर्यटकों के लिए मेला स्थल के समीप ही पर्यटक ग्राम में अत्याधुनिक लग्जरी स्विस कॉटेज का निर्माण किया गया है। इन टेंटों का निर्माण दो श्रेणियों में किया गया है। इनकी भव्यता के कारण इन लग्जरी टेंटों को मिनी दरबारी और राजवाड़ी का नाम दिया गया है। सोनपुर में राजसी अंदाज वाले कई टेंट लगाए गए हैं। मिनी दरबारी और राजवाड़ी टेंट में पंचसितारा होटल की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन लग्जरी टेंटों का किराया देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए अलग-अलग निर्धारित किया गया है।

देशी पर्यटकों के लिए इसका किराया 3 हजार रुपए प्रति रात और विदेशी पर्यटकों के लिए 5 हजार रुपए प्रति रात निर्धारित है। इन पूर्णतः वातानुकूलित लग्जरी टेंट्स में अटैच्ड बाथरूम, 24 घंटे बिजली-पानी, भोजन आदि के साथ सुरक्षा की पूरी व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।

बिहार पर्यटन विकास निगम पटना ने सोनपुर मेला तक लोगों के आने-जाने के लिए विशेष लग्जरी वाहनों के परिचालन की व्यवस्था कर रखी है। पर्यटकों के लिए इन लग्जरी वाहनों का परिचालन पटना से किया जा रहा है।

इस बार सोनपुर मेले में कपल्स के लिए स्पेशल टूर पैकेज का भी इंतजाम किया गया है। मात्र 6 हजार रुपए प्रति कपल की राशि में कपल्स को होटल में ठहरने, एसी वाहन, अनुभवी टूरिस्ट गाइड, ब्रेकफास्ट, लंच, स्नैक्स और डिनर जैसी सुविधा दी गई है।

उल्लेखनीय है कि प्राचीन काल से सोनपुर में गंगा और गंडक नदियों के पवित्र संगम स्थल पर लगने वाला हरिहर क्षेत्र का यह मेला हर साल कार्तिक पूर्णिमा से शुरू होता है। कार्तिक पूर्णिमा से एक महीने तक गंगा और गंडक के पवित्र संगम में लाखों श्रद्धालु स्नान कर एशिया के सबसे बड़े पशु मेले का नजारा देखने पहुंचते हैं। मेले का आनंद लेने के लिए देश-विदेश से पर्यटक यहां आते हैं।

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