तिरहुत डेस्क (नई दिल्ली)। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए ने सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय कर लिया है। भाजपा और जदयू बराबर सीटों पर चुनावी मैदान में उतरने को तैयार है, लेकिन, जदयू के कई मौजूदा और पूर्व विधायक पार्टी से टिकट कटने की संभावनाओं से नाराज बताए जा रहे हैं।
मंगलवार को जहां एक तरफ गोपाल मंडल ने टिकट कटने की आशंका को लेकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर हंगामा किया। वहीं, नवीनगर विधानसभा में बाहरी उम्मीदवारों को टिकट देने की संभावनाओं को लेकर पूर्व जदयू विधायक वीरेंद्र कुमार सिंह के समर्थकों ने मुख्यमंत्री आवास पर विरोध जताया।
नवी नगर विधानसभा के कुछ कार्यकर्ता पूर्व विधायक वीरेंद्र कुमार सिंह के समर्थन में सीएम आवास पहुंचे। यहां उन्होंने बाहरी उम्मीदवार को टिकट दिए जाने की संभावनाओं को लेकर विरोध जताया।
जदयू नेता अनिल कुमार यादव ने बातचीत में बताया कि हमारे पूर्व विधायक ने जदयू को मजबूत करने का काम किया है, लेकिन इस बार हम लोगों को सुनने में मिला है कि पार्टी उन्हें टिकट नहीं देगी। उनकी जगह पर किसी बाहरी उम्मीदवार को टिकट दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम यहां पर विरोध जताने के लिए आए हैं और बताने आए हैं कि हमारी विधानसभा में पूर्व विधायक वीरेंद्र कुमार सिंह को ही टिकट मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व उनकी जगह किसी बाहरी को टिकट देते हैं तो हम सभी कार्यकर्ता इस्तीफा भी दे सकते हैं। जदयू पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बार कई सिटिंग विधायक और पूर्व विधायक जो टिकट की आस लगाए बैठे हैं, उन्हें जोरदार झटका लग सकता है। जदयू इस बार कुछ नए चेहरों के साथ चुनावी मैदान में जा सकती है।
जहां तक नवी नगर विधानसभा की बात है तो यहां पर साल 2020 के विधानसभा चुनाव में जदयू के उम्मीदवार रहे वीरेंद्र कुमार सिंह को राजद के उम्मीदवार विजय कुमार सिंह से हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, 2015 के विधानसभा चुनाव में जदयू उम्मीदवार ने यहां पर जीत हासिल की थी।
