Saturday, June 22, 2024

गांधी जी के बताए मार्गों का अनुसरण करें छात्र छात्राएं: राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू

तिरहुत डेस्क (नई दिल्ली)। गांधी जी द्वारा बताया गया सादगी और सच्चाई का रास्ता ही वास्तविक मार्ग है, इस मार्ग का अनुसरण करने से ही भारत सही मायनों में विकसित राष्ट्र बनेगा। उक्त बातें मोतिहारी के महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी में आयोजित प्रथम दीक्षांत समरोह में भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने कही। इस समारोह का विधिवत शुभारम्भ भारत की माननीय राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, माननीय राज्यपाल, बिहार ,श्री राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर , माननीय मुख्यमंत्री, बिहार ,श्री नीतीश कुमार , माननीय सांसद, मोतिहारी श्री राधा मोहन सिंह , कुलाधिपति ,श्री महेश शर्मा द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गयी। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के कुलपति ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शपथ दिलाई।

समारोह में महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के कुलपति प्रोफेसर संजय श्रीवास्तव ने माननीय राष्ट्रपति, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह, मधुबनी पेंटिंग एवं महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी का मोमेंटो भेंटकर उनका स्वागत किया।

माननीय राष्ट्रपति ने सबसे पहले दीक्षांत समारोह में प्रसिद्ध उद्योगपति, लेखक, समाजिक विचारक श्री आर०के० सिन्हा एवं भारतीय अभिनेता फिल्म निर्देशक एवं पटकथा लेखक श्री चंद्र प्रकाश द्विवेदी को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया।

राष्ट्रपति ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के विभिन्न संकायों स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के पास आउट विद्यार्थियों को मेडल एवं प्रशस्तिपत्र भेंटकर कुलाधिपति स्वर्ण पदक की उपाधि से सम्मानित किया।

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि बापू की कर्मभूमि पूर्वी चंपारण में स्थापित महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के प्रथम दीक्षांत समारोह में आकर मुझे बेहद प्रसन्नता हो रही है। मैं आज उपाधि प्राप्त करने वाले सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं देती हूं। आज दो विशिष्ट व्यक्ति डॉक्टरेट के मानद उपाधि से सम्मानित हुए हैं। मैं उन्हें भी विशेष तौर पर बधाई देती हूं। इस विश्वविद्यालय से प्रथम स्थान प्राप्त करनेवालों में 60 प्रतिशत संख्या छात्राओं की है। इस उपलब्धि के लिए मैं उन्हें साधुवाद देती हूं। मुझे विकसित भारत का स्वरुप यहां दिखाई दे रहा है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी छात्र-छात्राओं को समान शिक्षा का अवसर प्रदान करने की बात हमेशा कहा करते थे। गांधी जी के इस विचार को सदैव ध्यान में रखना चाहिए। उनके चंपारण सत्याग्रह में यहां के कई विभूतियों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था। भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने अपनी आत्मकथा में गांधी जी के चंपारण प्रवास की चर्चा की है। गांधी जी ने समाजिक समानता, एकता का रास्ता अपनाने का लोगों से आह्वान किया था। यहां पर वाल्मिकी टाइगर रिजर्व है। यह धरती इतिहास एवं वन संपदा से समृद्ध है। यहां पर्यटन की आपार संभावनाएं हैं। आप सभी भगवान बुद्ध और बापू की इस धरती पर शिक्षा हासिल कर शिक्षा का परचम लहरायाएं ,मैं पुनः अपनी शुभकामनाएं देती हूं।

समारोह को संबोधित करते हुये माननीय राज्यपाल श्री राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि इस दीक्षांत समारोह में सम्मानित होने वाले लोगों को मैं बधाई देता हूं और उनका अभिनंदन करता हूं। माननीय राष्ट्रपति जी का इस कार्यक्रम में शामिल होना सौभाग्य की बात है। इस विश्वविद्यालय का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार हो, यह हम सबका दायित्व है। हम सबका बर्ताव और आचरण ही पहचान है। केवल मन में भाव रहने से नहीं होता। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का यहां अनुपालन होना शुरु हुआ है। नीति के अनुपालन से युवा पीढ़ी का भविष्य बेहतर होगा। मेरा अनुरोध है कि आपसभी सरकारी योजनाओं को अपनाकर नौकरी देनेवाला बनें, जिसके लिए दृढ संकल्प लेने की जरुरत है।

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुये माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि आज महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के प्रथम दीक्षांत समारोह में भारत की माननीय राष्ट्रपति उपस्थित हैं। मैं सबसे पहले इस कार्यक्रम में भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अभिनंदन करता हूं। बापू की कर्मभूमि चंपारण की इस धरती पर मैं उनका स्वागत करता हूं। मैं हृदय से आभारी हूं कि वे यहां प्रथम दीक्षांत समारोह में शामिल हुई हैं। आज महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के उपाधि प्राप्त करनेवाले विद्यार्थियों को तहे दिल से बधाई देता हूं। यह गौरव का क्षण है। कठिन परिश्रम के बल पर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। समाज कल्याण और राष्ट्र के निर्माण में आप सभी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। मैं आपके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2007 में केंद्र सरकार ने कई राज्यों में केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया था। इसके बाद केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम पारित हुआ। उस समय बिहार में केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने का निर्णय लिया गया। हमने प्रस्ताव दिया कि बिहार में केंद्रीय विश्वविद्यालय बापू की कर्मभूमि चंपारण की धरती पर बने।

वर्ष 1917 में चंपारण सत्याग्रह के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी सबसे पहले यहीं आए थे और किसानों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ अभियान चलाया था। यहां के लोगों को पढने के लिए इंतजाम कराया। मैं माननीय राष्ट्रपति जी से आग्रह करूंगा कि आप अगली बार बापू के चिन्हों और उनकी कार्यस्थली का दर्शन करें।

माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में जब हमें बिहार के लोगों ने काम करने का मौका दिया तो हमने यहीं से अपना अभियान चलाया। बापू ने यहां के लोगों को जागरुक कर उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित किया था। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में मोतिहारी में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना करने की स्वीकृति प्रदान की गई। वर्ष 2016 में यहां काम शुरु हुआ। हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द इसका भवन बन जाए। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के लिए हम लोगों ने 136 एकड़ भूमि उपलब्ध करा दी हैं, इन्हें और भूमि की आवश्यकता है, जिसके लिए हमने अधिकारियों को निर्देश दे दिया है कि यथाशीघ्र शेष भूमि भी उपलब्ध करा दें। अगले 3 दिन में 140 एकड़ भूमि और विश्वविद्यालय को स्थानांतरित करना सुनिश्चित करें और उसके बाद भवन निर्माण का कार्य भी यथाशीघ्र शुरु कराएं। राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी। राज्य सरकार गया में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना में हर संभव मदद कर रही है। गया की धरती काफी पौराणिक एवं ऐतिहासिक है। हमारी इच्छा है विश्वविद्यालय के भवन निर्माण का कार्य तेजी से हो। जमीन चिन्हित होने के बाद उसकी घेराबंदी तथा आवागमन का रास्ता का काम हम लोग तेजी से करा देंगे।
महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के कैंपस में विद्यार्थियों के साथ-साथ पढ़ानेवाले लोगों के आवासन की व्यवस्था भी रहेगी ताकि पढ़ाई में किसी प्रकार की समस्या नहीं आए। हम चाहते हैं कि महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी सबसे अच्छा बन जाए। मुझे बेहद खुशी होगी। मैं आप सभी को बधाई देता हूं। इस विश्वविद्यालय का अपना भवन जब बनकर तैयार हो जाएगा तो मुझे काफी प्रसन्नता होगी।

दीक्षांत समारोह को माननीय सांसद श्री राधामोहन सिंह एवं महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के कुलाधिपति पद्मश्री डॉक्टर महेश शर्मा ने भी संबोधित किया।
महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजय श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण किया। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुल सचिव ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

इस अवसर पर मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन मंत्री -सह – प्रभारी मंत्री, पूर्वी चंपारण,श्री सुनील कुमार, सांसद गण, विधायक गण, पूर्व मंत्री गण, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक श्री आर० एस० भट्टी, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव सह मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉक्टर एस० सिद्धार्थ, आयुक्त तिरहुत प्रमंडल श्री गोपाल मीणा सहित विशिष्ट अतिथिगण, वरीय पदाधिकारी गण, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के प्रोफेसरगण, उपाधि प्राप्त करनेवाले विद्यार्थीगण एवं उनकेअभिभावक तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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