तिरहुत डेस्क (नई दिल्ली)। बिहार में मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की इस नई पारी का पहला ‘पूर्ण बजट’ पेश करेंगे। राज्य के वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव मंगलवार को विधानमंडल के पटल पर वर्ष 2026-27 के लिए आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत करेंगे।
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने बात करते हुए कहा, “बिहार सरकार अगले 20 सालों में राज्य के विकास के विजन के साथ बजट पेश करेगी और इस बार बजट का आकार भी बड़ा होगा। महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए खास प्रावधान किए गए हैं, जिसमें महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर फोकस किया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के मामले में, चाहे सड़कें हों, एयर कनेक्टिविटी हो या रेलवे हो – बिहार सरकार ने इस बजट में महत्वपूर्ण आवंटन किए हैं।”
उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर हम स्किल डेवलपमेंट के लिए प्रावधान करने जा रहे हैं। अभी हो क्या रहा है? लोग बीए, एमए इस तरह की पढ़ाई कर रहे हैं और बाद में बेरोजगारी का सामना करना पड़ता है, तो हमने इस बजट में प्रावधान किया है कि 10वीं क्लास के बाद लोगों को स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जाए और टेक्निकल इंस्टिट्यूट में इनक्यूबेशन सेंटर खोलकर हम लोगों को तकनीकी ट्रेनिंग देने जा रहे हैं।
दिलीप जायसवाल ने कहा कि इस बजट में एग्रो इंडस्ट्रीज को बहुत महत्व दिया गया। फोकस इसी पर है कि कृषि किसान के लिए और कैसे खुशहाल हो।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के मामले में, स्वास्थ्य के मामले में और बिजली पावर प्रोजेक्ट के मामले में हमने बजट में प्रावधान किया है। बिहार आज देश में सबसे ज्यादा गति से विकास करने वाला राज्य बन रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण में भी बिहार के बारे में आया है। बिहार आने वाले बीस सालों का विजन लेकर इस बजट को पेश करने जा रहा है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, “बिहार में भी जब चुनाव हुए थे, तो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जैसे नेताओं ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए थे, खासकर एसआईआर को लेकर बहुत आरोप लगाए थे, लेकिन इससे कुछ हुआ नहीं था। हालांकि, बिहार की 14 करोड़ से ज्यादा आबादी, जिसमें 7 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं, ने चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर भरोसा जताया।”
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