Monday, June 1, 2026

बिहार की चूनावी रणभूमि में एनडीए और महागठबंधन के बीच घमासान

अब्दुल मोबीन
तिरहुत डेस्क (नई दिल्ली)। बिहार में चूनावी बिगुल बज गया है, और एनडीए एवं इंडिया गठबंधन के सभी दल अपने अपने गठबंधन समर्थित प्रत्याशियों को जिताने और जनता को लुभाने के लिए हर हरबे और हथकंडे अपनाने में जोर शेर से लगे हुए हैं। एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप की जंग भी शुरू हो चूकी है। महागठबंधन का कहना है कि नीतीश सरकार में अफसर शाही, महंगाई और बेरोजगारी चरन सीमा पर है, यह सरकार भरष्टाचारी बन गई है। तो दूसरी ओर नतीश और एनडीए का कहना है कि लालू का कुंबा और उनकी पार्टी भरष्टाचारी हैं।

अब कौन सी बात सच और कौनसी बात चुनावी जुमला है यह जनता खुब जानती है। इस चूनावी रणभूमी को जीतने और बिहार की सत्ता पर विराजमान होने के लिए एक तरफ तेजस्वी और उनके गठबंधन के सारे लोग लालायित हैं। तो दूसरी तरफ नीतीश कुमार गद्दी छोड़ना नहीं चाहते। एक है जो सत्ता पाने के लिए विभिन्न प्रकार के बड़े-बड़े और लुभवने वायदे कर रहा है तो दूसरी तरफ नीतीश कुमार अपने किए हुए कार्यों की दुहाई दे रहे हैं, और जनता को लुभाने के लिए कुछ योजनाओं की धन राशी में बढ़ोतरी किया है और कुछ नई योजनाओं के माध्यम से जनता को लाभान्वित भी कर रहे हैं।

सत्ता में कौन आएगा, किसके हाथ में जनता बिहार की बागडोर देगी यह तो जनता को तय करना है, और जनता अपना निर्णय स्वतंत्रा और समझदारी से करेगी।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 दो चरणों में हो रहा है। नामांकन की प्रक्रियाएं हो चुकी हैं, नाम वापसी और नामांकन स्वीकृती या अस्वीकृती का मामला भी पुर्ण हो चुका है। जिन लोगों का नामांकन स्वकृत हो चुका है वह पुरी तरह से चुनावी मैदान में कुद चुके हैं। बिहार विधानसभा की 121 सीटों के लिए पहले चरण का मतदान 6 नवम्बर को होगा,

वहीं 122 सीटों के लिए दूसरे चरण में 11 नवम्बर को मतदान होना है। दोनों चरणों के वोटों की गिनती 14 नवम्बर को होगी।
बिहार विस चुनाव 2025 में कुल मतदाताओं की संख्या- 7.42 करोड़ है, जिनमें पुरूष मतदाताओं की संख्या 3.92 करोड़ है और महिला मतदाताओं की संख्या 3.50 करोड़ है। 243 सीटों के लिए मतदान होना है जिसमें 122 सीटें बिहार में सरकार बनाने के लिए जरूरी है।

महागठबंधन में सीटों का बंटवाराः
राजद ने अपने खाते में इस बार 143 सीटें रखी हैं। 2020 में राजद 144 सीटों पर चुनाव लड़ी थी जिसमें 75 सीटें जीती थी। कांग्रेस का 61 सीटें मिली हैं, 2020 में कांग्रेस को 70 सीटें मिली थीं जिसमें 19 पर जीत हासिल किया था।
सीपीआईएमएल को 20 सीटें मिली हैं जब्कि 2020 में 19 सीटों में से 12 पर जीत दर्ज किया था।
सीपीआई को 9 सीटें मिली हैं, 2020 में 6 में से 2 सीटों पर जीत हासिल किया था।
सीपीएम को 04 सीटें मिली हैं, 2020 में भी 4 पर लड़ी थी 2 जीती थी।
इस बार इंडिया गठबंधन में शामिल मुकेश सहनी को 15 सीटें मिली हैं।

एनडीए में सीटों का बंटवाराः
एनडीए में इस बार सीटों का बंटवारा अलग ढंग से हुआ है। बड़े भाई और छोटे भाई के फारमुले का हटाकर भाजपा और जदू में बराबरी की बात तय हुइ है।
जदयू को 101, भाजपा को 101, चिराग पासवान की एलजेपी को 29 सीटें दी गई हैं, उपेन्द्र कुशवाहा की आरएलएम को 06 सीटें और जीतन राम मांझी की हम पार्टी को भी 06 सीटें दी गई हैं।

महागठबंधन के चुनावी वादेः
महागठबंध के दो बड़े दल राजद और कांग्रेस ने माई बहिन मान योजना के तहत यह वादा किया है कि सत्ता में आने के बाद प्रत्येक महिला को जो इस योजना हेतू रजिस्ट्रेशन कराई है या कराएगी उसे 2500 रू प्रति माह दिया जाएगा। वहीं राजद ने यह भी कहा है कि प्रत्येक वृधापेशन धारीयों के पेन्शन राशी को 1500रू प्रति माह किया जााएगा। उसके अलावा राजद ने नौकरी, शिक्षा, स्वास्थ और रोजगार को लेकर बड़े-बड़े वादे किए हैं। वहीं कांग्रेस ने भी कुछ प्रमुख और बड़े वादे किए हैं। लेकिन बिहार विस चुनाव 2025 को लेकर महागठबंधन ने अब तक कोई मनुफेस्टो जनता के सामन नहीं रखा है। अब यदि इनकी सत्ता आती है तो कितने वादे पुरे होंगे यह भविष्य के गर्व में है।

एनडीए के चुनावी वादेः
एनडीए की ओर से नीतीश कुमार ने जैसे ही तेजस्वी के 1500 रू वृधापेशन की बात सुनी तुरंत ही 400 की पंशन राशी को 1100 रू कर दिया। जैसे ही महागठबंधन के 200 युनिट मुफ्त बिजली की बात सामने आई नीतीश कुमार ने 125 युनिट बिजली मुफ्त कर दी। इन दोनों योजनाओं का बिहार वासी पिछले दो तीन महिनों से लाभ भी उठा रहे है। इसके अलावा अभी एनडीए की ओर से चुनावी मनुफेस्टो का एलान अब तक नहीं हुआ है। हां एक बात जरूर है कि जदयू या एनडीए के सभी दल बिहार में सुशाषन की सरकार के लिए नीतीश कुमार की तारीफ कर रहे हैं, और फिर से बिहार में शुसाशन की बेहतर सरकार बनाने की बात कह रहे हैं।
अब यह तो जनता के उपर है कि जनता को किस गठबंधन के वादे सच्चे और अच्छे लगते हैं, जनता किसको बिहार की गद्दी सौंपती है, कौनसा गठबंधन जीत के जादूई आंकड़े को हासिल कर पाता है। एक बात दोनों गठबंधन के लिए जरूर कही जा सकती है किः
बहुत कठिन है, डगर पनघट की।

यह भी पढ़े: बिहार: समस्तीपुर में पीएम मोदी का आगमन, स्थानीय लोग बोले- पूरा माहौल मोदीमय

Related Articles

Stay Connected

7,268FansLike
10FollowersFollow

Latest Articles