तिरहुत डेस्क (नई दिल्ली)। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने की घोषणा की है। इस पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नीतीश कुमार की सरकार को ‘नकलची सरकार’ बताया। इसके साथ ही बिहार में हो रहे आपराधिक घटनाओं पर भी नीतीश कुमार को घेरा।
उन्होंने बातचीत में नीतीश सरकार पर तेजस्वी यादव की नकल करने का आरोप लगाया। तिवारी ने कहा, “नीतीश कुमार की सरकार नकलची सरकार है। तेजस्वी यादव ने 2020 में सबसे पहले 10 लाख नौकरियों का वादा किया था। उस समय नीतीश कुमार कहते थे कि यह संभव नहीं है, पैसा कहां से आएगा। लेकिन जब तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने 5 लाख नौकरियां दीं और 3 लाख की प्रक्रिया शुरू की। अब नीतीश कुमार के मुंह से जो रोजगार की बात निकल रही है, वह तेजस्वी की देन है।”
तिवारी ने युवा आयोग और महिला आरक्षण जैसे मुद्दों को भी तेजस्वी यादव की पहल बताया और कहा कि नीतीश सरकार की ये घोषणाएं केवल चुनावी जुमला हैं।
बिहार में बढ़ती अपराधिक घटनाओं पर भी तिवारी ने नीतीश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “बिहार में अब कोई दिन या घंटा ऐसा नहीं है जब हत्याएं न हो रही हों। सैकड़ों हत्याएं हो रही हैं, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरी तरह अचेत हैं। तेजस्वी यादव लगातार सवाल उठा रहे हैं, मगर सरकार जवाब नहीं दे रही।”
तिवारी ने बिहार में अराजकता और गुंडाराज का आरोप लगाते हुए कहा कि नीतीश कुमार का इकबाल खत्म हो चुका है और सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
इसके अलावा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से सदानंदन मास्टर, उज्ज्वल निकम, हर्षवर्धन श्रृंगला और मीनाक्षी जैन को राज्यसभा के लिए नामित किए जाने पर तिवारी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “सरकार ने जिसे चाहा, उसे नामित किया, लेकिन ये नाम सवालों के घेरे में हैं। इन पर चर्चा होगी और सवाल उठेंगे।”
बिहार में चुनावी माहौल गर्म है। इस साल के अंत में यहां विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसे लेकर नेताओं का आरोप-प्रत्यारोप का दौर चालू है।
