Monday, January 24, 2022

नए संक्रमण की चिंता बढ़ी, WHO ने कहा 99 फीसदी कोविड मामलों के लिए डेल्टा वैरिएंट जिम्मेदार

तिरहुत डेस्क (नई दिल्ली)। दोनों सदनों में विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है क्योंकि वह सोमवार को कृषि कानूनों को निरस्त करने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस और अन्य पार्टियों के कई सांसदों ने अपने-अपने सदनों में नोटिस भेजा है। लोकसभा में कांग्रेस के फ्लोर लीडर अधीर रंजन चौधरी ने प्रश्नकाल स्थगित करने और एमएसपी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए सदन में स्थगन नोटिस दिया है। नोटिस में चौधरी ने कहा कि ‘सरकार को कानूनी गारंटी के साथ सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करना चाहिए।’

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने जान गंवाने वाले किसानों को मुआवजा देने की मांग को लेकर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। ऐसा ही नोटिस मनिकम टैगोर ने राज्यसभा में भी दिया है।

भाकपा के बिनॉय विश्वम ने कृषि उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी सुनिश्चित करने पर चर्चा की मांग करते हुए सदन में निलंबन का नोटिस दिया है।

आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने नियम 267 के तहत ‘किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी पर चर्चा’ की मांग करते हुए बिजनेस नोटिस का निलंबन किया है।

तेलंगाना में फसल खरीद को लेकर टीआरएस सांसद के. केशव राव ने राज्यसभा में निलंबन नोटिस दिया है। उनका नोटिस ‘फसलों की खरीद न होने पर केंद्र सरकार की भेदभावपूर्ण फसल खरीद नीति’ पर चर्चा करने को लेकर है।

तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के संवैधानिक प्रावधानों को पूरा करने के लिए सरकार सोमवार को लोकसभा में ‘द फार्म लॉ रिपील बिल, 2021’ पेश करेगी। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर निचले सदन में इसे पेश करेंगे।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

7,268FansLike
9FollowersFollow

Latest Articles