Sunday, April 6, 2025

वक्फ संशोधन बिल मुस्लिमों के हित में, विपक्ष द्वारा गुमराह करने की कोशिश की जा रही : शाहनवाज हुसैन

तिरहुत डेस्क (नई दिल्ली)। लोकसभा और राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक के पास हो जाने के बाद भी इसे लेकर बयानबाजियों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने समस्तीपुर में कहा कि लोकसभा और राज्यसभा में पेश हुआ वक्फ संशोधन विधेयक मुसलमानों के हित में है। इस बिल से गरीब मुसलमानों को लाभ मिलेगा और वे नए सिरे से अपना विकास कर सकेंगे।

राष्ट्रीय प्रवक्ता ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि इस बिल के दोनों सदनों में पास होने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर लगातार धमकियां दी जा रही हैं, गालियां दी जा रही हैं, लेकिन ऐसी धमकियों से वे डरने वाले नहीं हैं। ऐसे लोगों की वह पहचान करा रहे हैं।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस बिल से एनडीए के वोट में बढ़ोतरी होगी। जदयू से मुसलमानों के पार्टी छोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कोई ऐसा बड़ा चेहरा पार्टी छोड़कर नहीं जा रहा है, इससे कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है, यह बिल मुसलमानों के हित का है।

उन्होंने कहा, “मुस्लिम भाइयों को इसमें घबराने की जरूरत नहीं है। इस कमेटी को भी मुस्लिम ही हेड करेंगे। जिस तरह से सीएए पर लोगों को गुमराह किया गया था, उसी तरह इस बिल को लेकर भी विपक्ष द्वारा लोगों को गुमराह किया जा रहा है।”

उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों से आह्वान किया कि किसी के बहकावे में नहीं आएं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘सबका साथ, सबका विकास’ के तर्ज पर चल रहे हैं। इधर, बिहार के मंत्री मंगल पांडेय ने वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध किए जाने पर कहा कि इसे लेकर कोहराम वही लोग मचा रहे हैं, जिनको लगता है कि देश में जो रूढ़िवादी परंपरागत कानूनी विषय चले आ रहे हैं, वह चलते रहें। इसमें कुछ लोगों का आधिपत्य बना रहता था या कुछ लोगों की दादागिरी चलती थी, वही लोग ज्यादा परेशान हैं। जबकि सामान्य लोग बहुत खुश हैं। वक्फ बिल एक न्याय बिल है। गरीब पसमांदा मुसलमान वक्फ बिल पास होने से बहुत खुश हैं।

उन्होंने राजद के विरोध किए जाने पर तंज कसते हुए कहा कि पहले तेजस्वी यादव को अपने पिता के संसद के उस बयान को सुन लेना चाहिए जिसमें उन्होंने कहा था कि किस प्रकार से वक्फ बोर्ड के लोग जमीनों पर कब्जा कर लेते हैं और पटना के डाकबंगला चौराहा का उदाहरण भी दिया था।

उन्होंने कहा, “जिनको लगता है कि अब मालिकाना हक खत्म हो जाएगा, उनको ही दर्द हो रहा है और वही लोग विरोध कर रहे हैं। विरोधी दल के लोगों को इस मुद्दे से विरोध नहीं है। अगर होता तो लालू यादव के द्वारा सदन में ये मुद्दा नहीं उठाया जाता। लेकिन, आज वे जो विरोध कर रहे हैं, वे वक्फ बिल का विरोध नहीं कर रहे हैं, वे नरेंद्र मोदी का विरोध कर रहे हैं। उनको लगता है कि नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ जाएगी।”

यह भी पढ़े: भाषा विवाद पर शिवसेना यूबीटी प्रवक्ता आनंद दुबे बोले- ‘मार से नहीं प्यार से सिखाएंगे मराठी’

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