तिरहुत डेस्क (नई दिल्ली)। वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 लोकसभा में पारित हो गया। विधेयक को 288 के मुकाबले 232 मतों से सदन की मंजूरी मिल गई। इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कराने के लिए सदन की बैठक रात लगभग दो बजे तक चली। अब इस विधेयक को लेकर सभी दलों के नेता अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक पर कांग्रेस का स्टैंड बहुत साफ है। बिहार में कोई अलग स्टैंड नहीं है। बिहार में हम अभी चुनाव पर फोकस कर रहे हैं। बिहार के मुद्दों पर अभी चर्चा हो रही है और उसी पर काम हो रहा है।
इधर, बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक सही अर्थों में निरंकुशता का प्रमाण है और सरकार में निष्पक्षता नहीं दिख रही है। दुर्भावना से ग्रसित होकर सरकार यह विधेयक लाई है। सबसे आश्चर्य की बात है कि बिहार में जो पार्टियां जदयू, लोजपा (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा जो खुद को धर्मनिरपेक्ष कहती थीं, लेकिन वे भी फिरकापरस्त ताकतों के साथ बैठकर मुसलमानों की पीठ में खंजर मारने का काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि फिलहाल हम लोग संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। आने वाले समय में महागठबंधन मजबूती से मैदान में उतरेगा।
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने वक्फ संशोधन विधेयक पर कहा कि इस विधेयक पर बुधवार को लंबी चर्चा हुई। पक्ष और विपक्ष ने अपनी राय रखी। विपक्ष पूरी तरह से यह समझाने में विफल रहा कि इसमें क्या असंवैधानिक है और क्या अलोकतांत्रिक है या क्या मुस्लिम विरोधी प्रावधान है। एनडीए ने अपना तथ्य रखा। आज राज्यसभा से भी यह विधेयक पारित होगा। अनावश्यक भ्रम फैलाया जा रहा है।
विधायक चेतन आनंद कहते हैं कि वक्फ संशोधन विधेयक सही है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि दरअसल वे लोग जो कर रहे हैं, वह धर्मनिरपेक्षता नहीं है। ये धर्मनिरपेक्षता के नाम पर दोगलापन करते हैं। जब जात-पात और धर्म के नाम पर बरगला कर वोट लेने वाले लोग हो जाएं तो उसे धर्मनिरपेक्ष नहीं बोल सकते हैं। राजद तो डरा कर वोट लेना चाहती है।
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