तिरहुत न्यूज़ डेस्क (बिहार) । बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी पार करते समय नाव पलटने से 13 लोगों की मौत के बाद पूरे बिहार में शोक की लहर है। घटना को लेकर जेडीयू, बीजेपी और लोजपा (रामविलास) के नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। वहीं, सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है और हादसे की जांच के आदेश दिए हैं।
जेडीयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “यह बहुत दुखद घटना है। मैंने सुना है कि यह घटना रात में हुई और शायद पानी का बहाव तेज हो गया था।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं कई बार उस इलाके में गया हूं और वहां मेरे कई दोस्त और समर्थक हैं। कल रात इस घटना के बारे में सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ। मैं पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा हूं।”
जमुई से लोजपा (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने भी पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस हादसे में सबसे बड़ा दुख यह है कि एक ही परिवार के सात बच्चों समेत करीब 13 लोगों की मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि चिराग पासवान राघोपुर के साथ-साथ नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) में जाकर घायल लोगों से भी मिलेंगे। भारती ने भरोसा दिलाया, “मुझे पूरी उम्मीद है कि हम लोग जो भी राहत, चाहे बिहार सरकार के माध्यम से हो, केंद्र सरकार के माध्यम से हो, उन परिवारों को अवश्य देंगे।”
पटना में बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने इस घटना को सरकार की ओर से जारी एसओपी का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा, “यह बहुत ही दुखद घटना है। जिस तरह गांव के लोगों ने सरकार द्वारा जारी एसओपी का उल्लंघन किया और जर्जर हालत वाली नाव का इस्तेमाल किया, वह भी रात के समय, जबकि पास में लगभग 500 मीटर या उससे भी कम दूरी पर पुल था, यह सरकार के नियमों और एसओपी का स्पष्ट उल्लंघन था।”
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ने तुरंत प्रभावित परिवारों को सहायता राशि भिजवा दी है। हम सभी बहुत दुखी हैं। लेकिन आम लोगों से अपील है कि भविष्य में इस तरह की गलती न करें, जिससे ऐसी दुखद घटनाएं घटित न हों।”
जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा, “मृतकों के प्रति हम शोक संवेदना प्रकट करते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उनके परिवारों को इतनी शक्ति दें कि वो इस दुख को सहन कर सकें और धैर्य बनाए रखें।”
उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार और प्रशासन ने नावों के पंजीकरण, उनके आकार और समय सीमा को लेकर पूरी नियमावली बनाई थी और इसके लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी भी दी गई थी। इसके बावजूद नाव ले जाना चालक और जिम्मेदार लोगों की लापरवाही को दर्शाता है।
श्याम रजक ने कहा, “सरकार को हाई लेवल मीटिंग करके इस पूरे मामले की समीक्षा करनी चाहिए। घटना में मारे गए लोगों के लिए सहायता की घोषणा हो चुकी है, लेकिन जो लोग दोषी हैं, चाहे नाव चालक हो या जिम्मेदार अधिकारी, उन पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। हाई लेवल बैठक में यह भी तय होना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए जितने भी कड़े कानून बनाने पड़ें, उसमें कोई कोताही नहीं बरती जाए।”
पटना में बीजेपी नेता मृत्युंजय तिवारी ने भी इस घटना को अत्यंत हृदयविदारक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। ये किसकी गलती से इस तरह की घटना घटी है, एक-एक चीज की जांच हो रही है। जो भी दोषी होंगे, जिनकी भी लापरवाही हुई होगी, उन पर कार्रवाई होगी।

